ॐ नमः शिवाय 🙏
आइए, आस्था और भक्ति के दिव्य संगम में आपका स्वागत है — पवित्र और चमत्कारी दंडेश्वर महादेव मंदिर में
📍 पता: दंडेश्वर महादेव मंदिर, खोराराम जनपद-देवरिया , उत्तर प्रदेश
📞 संपर्क करें: +91-9455107725, +91-9554368275
यह वही स्थान है, जहाँ भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। जहाँ शिव की आराधना से मिलता है सुकून, शांति और अपार ऊर्जा।
🌿 हर दिन और विशेष अवसरों पर भव्य पूजा एवं आरती 🕉️ सावन माह में विशेष धार्मिक आयोजन 🔥 महाशिवरात्रि पर विशाल भक्तिमय कार्यक्रम
अगर आप भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं, तो एक बार अवश्य पधारें — दंडेश्वर महादेव मंदिर।
🙏 हर हर महादेव 🙏
श्रद्धालुओं को सूचित किया जाता है कि पवित्र दंडेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन का समय इस प्रकार है:
🌅 प्रातः काल: सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक 🌇 सायं काल: शाम 4:00 बजे से रात 7 :00 बजे तक
🕉️ प्रतिदिन प्रातः और सायं आरती का विशेष आयोजन किया जाता है।
आप सभी भक्तों से निवेदन है कि निर्धारित समय पर आकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
🙏 हर हर महादेव 🙏
दंडेश्वर महादेव धाम एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है, जो भगवान शिव (महादेव) को समर्पित है। यह धाम खोराराम गांव में स्थित है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र देवरिया का हिस्सा है।
यह स्थान एक सिद्धपीठ के रूप में जाना जाता है, जहाँ श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं। भक्तों के अनुसार, यहाँ दर्शन मात्र से कष्ट, रोग और दुःख दूर होते हैं। इसे कई लोग “कलयुग का कैलाश” भी कहते हैं। यहाँ नियमित रूप से दरबार (विशेष पूजा/अनुष्ठान) लगता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
भगवान शिव को यहाँ चमत्कारी रूप में पूजा जाता है। सावन, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन विशेष भीड़ रहती है। श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा करते हैं।
जिला: देवरिया, उत्तर प्रदेश, निकटतम रेलवे स्टेशन: देवरिया सदर, निकटतम शहर: देवरिया रेलवे स्टेशन से 3 किमी, देवरिया बस स्टेशन से 2 किमी, गोरखपुर से 50 किमी, की दुरी पर दंडेश्वर महादेव धाम स्थित है। सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
दंडेश्वर महादेव धाम आस्था, श्रद्धा और चमत्कार का केंद्र है। यहाँ आने वाले भक्तों को मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास का अनुभव होता है।
हमारे जीवन में धर्म और शास्त्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। धर्म और शास्त्र हमें यह उपदेश करते हैं, कि हमें इस जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। जब हम धर्म से विमुख होते हैं तो निश्चित रूप से हम गलत मार्ग पर चलने लगते हैं, जिसका परिणाम दुख के रूप में हमारे सामने परिमार्जित होता है।
बुद्धिमान पुरुष को हमेशा यह चाहिए कि वह धर्म का साथ ना छोड़े शास्त्र की डोर को कभी ना छोड़े हमेशा सदमार्ग पर चलने का प्रयास करें। यह कार्य आसान नहीं है लेकिन यदि लगातार कोशिश किया जाए तो मुश्किल भी नहीं है। धर्म और शास्त्र एक सच्चे गुरु की भांति हमें हर वक्त सही राह दिखाने का कार्य करते हैं, जिसने भी शास्त्र के महत्व को समझ लिया, जिसने धर्म के महत्व को समझ लिया वह जीवन में कभी भी इससे विमुख नहीं हो सकता।
वे लोग बहुत ही सौभाग्यशाली हैं जिन्हें धर्म का साथ मिलता है, लेकिन दुर्भाग्य है जब यह धर्म और शास्त्र किसी कारणवश दूषित हो जाए तो फिर आम जनमानस का मार्ग भी डगमगाने लगता है। हमें हर तरह से यह कोशिश करनी चाहिए की धर्म और शास्त्र को अपनाएं और सच्चे मार्ग पर चलने का प्रयास करें, यही तो हम सबका सच्चा गुरु है।
भूल कर भी यह गलती न करे शादी दुट सकती है...
यदि आप परेशान है, तो अर्जुन और कृष्ण का यह संवाद जरूर सुने आपको जरूर रास्ता मिलेगा...
अकाल मृत्यु का कारण क्या है, क्यों होती है किसी की अकाल मृत्यु जाने, ...
बुध ग्रह से होने वाली बीमारिया और उनके उपाय...
क्या आप जानते है दिल का दौरा अर्थात हार्टअटैक, किस ग्रह की वजह से होता है...
एक ऐसा ग्रह दोष जो सब कुछ बर्बाद कर देता है, जाने इसे रोकने के उपाय...
पितृ दोष दूर करने के सरल उपाय जाने वेदव्यास जी महाराज से ...
वास्तु दोष दूर करने के सरल उपाय वह भी अचूक जाने वेदव्यासजी महाराज...
सभी दोषो का होगा नाश, सावन में करें बस यह उपाय, वेदव्यास जी महाराज...
नवरात्री के अद्भुत 9 रहस्य, बस समझ लो जीवन में कभी दुःख नहीं सताएगा...
काशी विश्वनाथ की स्थापना किसने किया और क्यों बहुत लोगों को आज भ्रम है, जाने इसका रहस्य ...
शिव महापुराण कथा का रहस्य हमारे जीवन को अद्भुत बनता है, यह कथा किसे सुनना चाहिए...
क्या आप जानते है, कलयुग का जन्म कब हुआ, जाने वेदव्यास जी महाराज से...
अधर्मी दुर्योधन को स्वर्ग कैसे मिला और क्यों ? जाने वेद व्यास जी महाराज से ...
वह कौन से ऋषि थे जिन्होंने बगैर कुछ बोले रावण का विरोध किया, जबकि रावण उस ऋषि से डरता था...
दिव्य श्रीमद् देवी भागवत पूज्य श्री वेदव्यास जी महाराज की मधुर वाणी में ...
त्रेता युग की संख्या कितनी जाने, पूज्य श्री वेदव्यास जी महाराज से...
बुराइयों को छोड़ना और खुद में सुधार करना, क्या आपके हाथ में है या यह काल चक्र है ...
प्रणाम और विनम्रता से बड़ा दुनिया में कोई अस्त्र नहीं, भगवत कथा वेदव्यास जी महाराज...
किसी संन्यासी को धन की आवश्यकता क्यों ? यदि हाँ तो गृहस्थ का अर्थ क्या है ...
हनुमान जी का जन्म का मूल आधार क्या था और क्यों पृथ्वी से जल समाप्त हो गया था...
मनुष्य का जीवन एक तरह की यात्रा है इस यात्रा में तमाम तरह के परेशानियां और सुखद अनुभूतियां भी होती है जब हमें सुखद अनुभूति होती हैं तो हमें सुख का आनंद होता है, धर्म एक ऐसा मार्ग है जो निष्पक्ष रहते हुए प्रत्येक मनुष्य को सत्य का मार्ग दिखाता है |
हमारे जीवन में घरेलू कलह, ग्रह दोष, पित्र दोष, कुंडली दोष, व्यापार में बाधा, विवाह में विलंब और संतान उत्पन्न में विलंब न जाने कितने तरह की समस्याएं हमारे दरवाजे पर दस्तक देती हैं यदि हम ईस्वर के बताये हुए मार्ग पर चलते हुए उपाय करते हैं तो अवश्य ही हमें सफलता मिलती है |
पूरी दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं पहला जो धर्म में और सत्य में विश्वास रखते हैं, दूसरे वे जो ना तो धर्म को मानते, नहीं सत्य को, उनका अहंकार ही उन्हें रोकता है, इनका सिद्धांत खुद का होता है और इन्हीं सिद्धांत की वजह से परेशानियों के समुद्र में डूबते चले जाते हैं यहां से निकल पाना बहुत ही मुश्किल होता है क्योंकि सत्य कहा गया है जब हम सही दिशा में जाते हैं तो हमें मंजिल मिलती है, लेकिन जब हम गलत दिशा में बढ़ते जाते हैं तो हमें मंजिल नहीं मिलती और तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है | अतः आवश्यक है कि समय के साथ हम चलें और जरूरत पड़ने पर जप तप ब्रत सत्संग तंत्र मंत्र अनुष्ठान का सहारा ले यही उचित है |